IIT-JEE Advance topper 2021 Mridul Agarwal Biography In Hindi.

मृदुल अग्रवाल [जेईई एडवांस टॉपर 2021] । Mridul Agarwal Biography In Hindi

Mridul Agarwal Biography In Hindi

संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई एडवांस) का रिजल्ट शुक्रवार को जारी हुआ। आईआईटी दिल्ली जोन के मृदुल अग्रवाल ने 96.66 प्रतिशत अंक हासिल कर टॉप किया। राजस्थान के मृदुल को 360 में 348 अंक मिले हैं। उन्हें फिजिक्स में 120 में 120, केमिस्ट्री में 112 और मैथ्स में 116 अंक मिले। यह जेईई-एडवांस में अब तक के सर्वाधिक अंक हैं।

वहीं, आईआईटी को लगातार चौथे साल स्टैंडर्ड कट ऑफ से समझौता करना पड़ा। ओवरआल व विषयवार कटऑफ 50% कम हुआ है। तय कटआफ 35% था, जो 17.50 कर दिया गया। इस बार कुल 41,862 स्टूड़ेंट्स ने क्वालीफाई किया है। आईआईटी दिल्ली जोन की काव्या चोपड़ा गर्ल्स टॉपर रहीं। उन्हें 286 अंक मिले हैं। टॉप 100 में एक ही लड़की जगह बना सकी है। टॉपर्स देने टॉपर्स देने में आईआईटी बॉम्बे जोन का दबदबा रहा। पहले 500 में से 137 स्टूडेंट बॉम्बे जोन के हैं। हैदराबाद जोन 135 छात्रों के साथ दूसरे स्थान पर है।

आईआईटी काउंसलिंग के लिए पिछले साल 6,707 लड़कियों ने ववालिफाई किया जो इस बार घटकर 6,452 रह गई है। मृदुल ने कहां कि वे आईआईटी बाम्बे से कम्यूटर साईंस पढ़ना चाहते हैं। इसके बाद उनका सपना एमआईटी जैसे दुनिया के टॉप यूनिवर्सिटी में पढ़ने का है।

Who is Mridul Agarwal – कौन है मृदुल अग्रवाल ? [जेईई एडवांस टॉपर 2021]

मृदुल जेईई एडवांस 2021 के टॉपर है। वह हमेशा से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरींग में बॉम्बे में काम करना चाहते है। वह चतुर है। वह हमेशा एक ही बात कहते है कि आप जीवन में कुछ हासिल करना चाहते हैं तो अपना लक्ष्य बनाएं और कड़ी मेहनत करें।

जेईई एडवांस परीक्षा में 2012 के बाद से चली आ रही रिकॉर्ड को तोड़कर मृदुल ने अपनी प्रतिभा ला लोहा मनवाया है। इनसे पहले 2012 में जेईई एडवांस में 96% अंक लाकर टॉप करने वाले कैंडिडेट को इन्होंने 96.66% अंक लाकर इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया है।

Mridul Agarwal Biography – मृदुल अग्रवाल की जीवनी

मृदुल अग्रवाल का जन्म जयपुर, राजस्थान में हुआ था। उन्होंने राजस्थान में एक स्थानीय हाई स्कूल में अपनी शिक्षा पूरी कर ली है। वह 2021 के एक जेईई एडवांस टॉपर है। वे हमेशा आईआईटी बॉम्बे में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में काम करना चाहते थे। उनकी जन्म तिथि 15 नवंबर 2002 है। उनके पिता का नाम प्रदीप अग्रवाल है और उनकी मां का नाम पूजा अग्रवाल है।

पूरा नाम मृदुल अग्रवाल
जन्म तिथि15 नवम्बर, 2002
जन्म स्थानजयपुर, राजस्थान
उम्र19 साल
प्रसिध्दिजेईई एडवांस 2021 टॉपर
मार्क्स360 में से 348
अंक प्रतिशत96.66%
धर्महिन्दू
वैवाहिक जीवनअविवाहित
राष्ट्रीयताभारतीय
स्कूललॅाकल हाई स्कूल
पिता का नाम प्रदीप अग्रवाल
मां का नाम पूजा अग्रवाल

मृदुल अग्रवाल की शिक्षा – Mridul Agarwal Educational Qualification

बचपन से ही मेधावी छात्र रहे मृदुल ने कंप्यूटर इंजीनियर बनने का सपना देखा था। इसके लिए इन्होंने कक्षा 9वीं से अपना करियर बनाने के लिए Allen Career Institute में 4 साल के क्लासरुम प्रोग्राम में अपना दाखिला लिया।

मृदुल ने अपनी 1०वी और ।2वीं की पढ़ाई CBSE बोर्ड से पूरा किया है, जिसमें उन्होने 98.2% अंक हासिल किये थे। दिन में 12 से 14 घंटे तक बिना थके लगातार फोकस होकर पढ़ाई करने का नतीजा ये रहा कि जेईई एडवांस 2021 में टाॅप करके ही दम लिया। मृदुल अब आई आईटी मुंबई से कंप्यूटर सांइस में बीटेक करना चाहते हैं।

Success story of Mridul Agarwal – मृदुल अग्रवाल सफलता की कहानी

जेईई मेंस परीक्षा में 100 प्रतिशत अंक लाने के बाद मृदुल ने जेईई एडवांस में भी 96.66% अंक हासिल कर पूरे देश मे अपने नाम का परचम लहराया है। गुगल के सीईओ सुंदर पिचाई को अपना आदर्श मानने वाले मृदुल को शुरु से ही उनके जैसा बनने का सपना था। इनका कहना है कि मैं भी एक दिन सुंदर पिचाई जैसा बनने की पूरी कोशिश करंगा। इनका सपना इंजीनियरिंग में मास्टर की डिग्री हासिल करके खुद का स्टार्टअप करने का है। मृदुल कहते हैं कि मैं भारत के विकास में उल्लेखनीय योगदान देना चाहता हूँ।

अपने सफलता के बारे में बात करते हुए इन्होंने एक इंटरव्यू में बुताया कि “मेरी सफलता का पूरा श्रेय मेर माता-पिता और मेरे गुरुजनों को जाता है। जिन्होंने मुझे अपना रास्ता चुनने को लेकर कभी दबाव नहीं बनाया। मैं सभी गुरुजनं का आभारी हूं, जिनके सही मार्गदर्शन के बदौलत ही मैं आज यहाँ तक पहुँच सका हुँ।”

इनका मानना है कि आपको माता-पिता, गुरुजन, दोस्त कुछ देर के लिए मोटिवेट कर सकते हैं, लेकिन कोई भी आपको 24×7 मोटिवेट नहीं रख सकता है। इसलिए हमें अपने लक्ष्य को लेकर खुद ही मोटिवेट रहना चाहिएँ। तभी हमें सफलता मिल पाएगी।

इनका अगला सपना आईआईटी बाॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में ईंजीनियरिंग करने का है। आपको बता दे कि आईआईटी खड़गपुर ने टाॅप 100 छात्रों के लिए एक साल का स्काॉलरशिप देने का फैसला किया है लेकिन मृदुल ने आईआईटी बाॅम्बे से पढ़ने का फैसला किया है। मास्टर की डिग्री के लिए इनका सपना अमेरिका में स्थित एमआईटी या स्टैंडफोर्ड जैसी दुनिया की टॉप एजुकेशन संस्थान से डिग्री हासिल करने का है।

मृदुल पढ़ाई के साथ-साथ खेलने और कूदने पर भी काफी ध्यान देते है। इनको अपने दोस्तों के बर्थडे पार्टी मे जान कापी पसंद है। ये बर्थडे पार्टी में जाना कभी नहीं भूलते हैं। इनको जब भी कभी पढ़ाई में मन नहीं लगता है तो अपने माता-पिता के साथ घूमने चले जाते हैं।

मृदुल अग्रवाल ने बताया कामयाबी का राज

1. टेक डेवलपमेंट में योगदान देना है लक्ष्य

मृदुल का कहना है कि उनका दीर्घकालीन लक्ष्य देश के टेक डेवलपमेंट में अपना योगदान देना है। मृदुल का कहना है कि छात्रों को अपनी तैयारी करते समय मोटिवेशन हाई रखना चाहिए। किसी भी विषय की पढ़ाई जबरदस्ती न करें। जिस विषय में मन लगे उसको अच्छे से पढे़।

2.कामयाबी में मां ने निभाई बड़ी भूमिका

अपनी कामयाबी में मृदुल अपनी मां की भी बड़ी भूमिका मानते हैं। मृदुल के मुताबिक जब कभी भी उन्हें मायुसी होती थी तो वह अपनी मां के पास जाकर बैठ जाते थे। इसे उनकी मनोस्थिति सुदृढ़ होती थी और वह दोबारा पढ़ाई में जुट जाते थे।

3. ‘ये मुकाम पाकर हूं खुश

मृदुल ने कहां कि परीक्षा में टॉप करने के बाद वह काफी अच्छा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहां, ‘मैं खुद पर काफी गर्व महसूस कर रहा हूं। आज एक संतोष का भाव है, अब से पहले टॉपर्स को देखकर लगता था कि कैसे ये लोग इतनी अच्छी रैंक हासिल कर पाते हैं। लेकिन आज खुद इस मुकाम पर पहुंच कर मैं काफी खुश हूं।

4. टारगेट तय कर करता था पढ़ाई

मृदुल ने कहां, ‘मैंने कभी भी टाइम टेबल के आधार पर पढ़ाई नहीं की. मैं सुबह उठने के साथ ही सोच लेता था कि आज पढ़ाई का क्या टारगेट है और वह टारगेट पूरा करने के बाद ही मैं रात को सोता था। यदि सोचा गया टारगेट समय से पहले पूरा हो जाता था तो मृदुल बाकी समय का इस्तेमाल अपने परिवार के साथ समय बिताने, मनोरंजन इत्यादि में भी व्यतीत करते थे। मृदुल ने कहां, मैंने कक्षा आठ में टैलेंट टेस्ट दिया था। उस समय यह टेस्ट पास करने पर स्कॉलरशिप मिली। इसके बाद शिक्षकों के मार्गदर्शन से भविष्य में अन्य परीक्षाओं में शामिल होने की प्रेरणा मिली।

5. ऑनलाइन कक्षाएं नहीं थीं आसान

कोरोना और लॉकडाउन को लेकर मृदुल ने कहां कि उन्होंने घर पर ही रह कर पढ़ाई की, शरू में जब लॉकडाउन लगा था तब स्पष्ट नहीं था कि कितने लंबे समय तक लॉकडउन रहेगा। हालांकि इस दौरान भी वह ऑनलाइन क्लास लेते रहे। मृदुल ने कहां कि पहले ऑनलाइन क्लासेस लेना इ़तना आसान नहीं था, लेकिन फिर धीरे-धीरे अधिक समय तक स्क्रीन के सामने रहने की आदत हो गई।

मृदुल अग्रवाल अपनी इस कामयाबी में अपनी मां की भी बड़ी भूमिका देखते हैं। मृदुल ने बताया कि उनकी मां घर का सारा शेड्यूल उनकी पढ़ाई के हिसाब से तय करती थी। खाना बनाना, खाना खिलाना, पारिवारिक कार्यक्रमों में जाना सब कुछ मृदुल की पढ़ाई के शेड्यूल के आधार पर तय होता था।

6. घूमने-फिरने के शौकीन हैं मृदुल

उन्होने बताया कि वह अक्सर अपने पिता के साथ सभी बातें शेयर करते है। जब कभी भी मृदुल थक जाते थे या फिर उनकी मनोस्थिति कमजोर पड़ती थी तो ऐसे मौके पर उनके पिता सामने आते थे: मृदुल ने बताया ऐसी स्थिति में उनके पिता उनसे बातें करते थे या फिर एक छोटे इंटरवल के तौर पर कहीं बाहर ले जाते थे। उन्हे टेबल टेनिस का शौक है। इसके अलावा मृदुल घूमने-फिरने और आउटिंग के भी शौकीन हैं।

Mridul Agarwal Girlfrind – मृदुल अग्रवाल की प्रेमिका

सोशल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृदुल अग्रवाल अभी अविवाहित है। उनकी प्रेमिका का नाम ज्ञात नहीं है। हम सभी विवरण जल्द ही अपडेट प्रदान करेंगे।

FAQ About Mridul Agarwal – मृदुल अग्रवाल के बारे में रोचक तथ्य

Q.1 मृदुल अग्रवाल कौन है?
उत्तर – मृदुल अग्रवाल एक जेईई एडवांस टॉपर है (2021).

Q.2 मृदुल अग्रवाल के पिता कौन है?
Ans. प्रदीप अग्रवाल.

Q.3 मृदुल अग्रवाल की उम्र क्या है?
उत्तर. 19 साल की उम्र.

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