मैं रंगा तेरे रंग। प्रेम कविता। Love Poem In Hindi

Love Poem In Hindi

मैं रंगा तेरे रंग

सोचा था तुझसे दोस्ती करने की
परन्तु कब मैं तेरी और आकर्षित होने लगा
अब तो दिल तेरी ही यादों में खोने लगा
अब यहीं तमन्ना है
रहूँ हमेशा तेरे संग
मैं रंगा तेरे रंग

कैसे कहुं अपने दिल की बात
की रहना चाहता हूँ तेरे साथ
मुझे पसंद आता है तेरा हर ढंग
मैं रंगा तेरे रंग

उदास होती है जब भी तु
कांप उठती है मेरी रुह
डर लगता है मुझको
कोई कर ना दे मेरे सपने को भंग
क्योंकि मैं रंगा तेरे रंग।

मैं रंगा तेरे रंग Love Poem In Hindi
Love Poem In HIndi

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