Gulzar Shayari In Hindi.

गुलजार साहब की मशहूर शायरी। 20 Best Gulzar Shayari In Hindi 2021

गुलजार साहब एक विश्व प्रसिद्ध सायर और कवि के साथ साथ एक प्रसिद्ध हिंदी फिल्म गीतकार, पटकथा लेखक, फिल्म निर्देशक नाटककार भी है। इनका जन्म 18 अगस्त 1936 को हुआ था। उनकी रचनाएं हिंदी, उर्दू तथा पंजाबी में है, परंतु ब्रज भाषा, खड़ी बोली, मारवाड़ी और हरयाणवी में भी इन्होंने रचनाए की। गुलजार वर्ष 2002 में साहित्य अकादमी पुरस्कार और वर्ष 2004 मे भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है।

वर्ष 2009 में डैनी बॉयल निर्देशक फिल्म स्लमडॉग मिलेनियर में उनके द्वारा लिखे गीत जय हो के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ गीत का ऑस्कर पुरस्कार मिल चुका है। तो आइए पढ़ते है गुलजार साहब द्वारा लिखित ये सुविचार जो हमे भी अपने जीवन में कुछ विशेष करने और जीवन को समझने का अवसर देते है।

20 Best Gulzar Shayari In Hindi 2021

#1 Gulzar Shayari In Hindi
“किसी ने एक नाराज शख्स से
पूछा कि गुस्सा क्या है
उसने बहुत खूबसूरत जवाब दिया
दूसरे की गलती की सजा खुद को देना”

Gulzar Shayari In Hindi..

#2 Gulzar Shayari In Hindi
‘जिंदगी एक रात है जिसमे ना जाने कितने ख्वाब है
जो मिल गया वो अपना है जो टूट गया वो सपना है।

Gulzar Shayari In Hindi..

#3 Gulzar Shayari In Hindi
कुछ अलग करना हो तो भीड़ से हटकर चलिए
भीड़ साहस तो देती है मगर अकसर पह्चान छीन लेती है

Gulzar Shayari In Hindi..

#4 Gulzar Shayari In Hindi
खुदके बारे में न किसी पीर से पुछो
न किली फकीर से पूछो।
बस कुछ देर आखे बंद कर अपने जमीर से पूछो।।

Gulzar Shayari In Hindi..

#5 Gulzar Shayari In Hindi
शिकायत मौत से नहीं अपनों से थी मुझे
जरा सी आख बंद क्या हुई वो कब्र खोदने लगे…

Gulzar Shayari In Hindi..

#6 Gulzar Shayari In Hindi
एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जाने के बाद
दूसरा सपना देखने के हौसले का नाम जिंदगी हैं

#7 Gulzar Shayari In Hindi
अगर रो कर भुलाई जाती यादें तो हंसकर कोई गम नहीं छुपाता

#8 Gulzar Shayari In Hindi
अपने उसूल कभी यूं भी तोड़ने पडे
खता ओरों ने की थी और हाथ हमें जोडने पड़े

#9 Gulzar Shayari In Hindi
ए उम्र अगर दम हैं तो कर दे इतनी सी खता
बचपन तो छीन लिया बचपना छीन कर बता

#10 Gulzar Shayari In Hindi
बहुत भीड़ हुआ करती थी महफिल में मेरी
फिर में सच बोलता गया और लोग उठते गए

#11 Gulzar Shayari In Hindi
बेहिसाब हसरते ना पालिये
जो मिला हैं उसे सम्भालिए

#12 Gulzar Shayari In Hindi
किसी की गलतियों को बेनकाब ना करो
खुदा बैठा है तुम हिसाब ना करो

#13 Gulzar Shayari In Hindi
मुझे गिरते हुए पतो ने ये समझाया है
बोझ बन जाओगे तो अपने भी गिरा देते हैं!

#14 Gulzar Shayari In Hindi
कभी अगर किसी का फायदा उठाकर थक जाओ
तो फिर अपनी गिरी हुई सोंच भी उठा लेना

#15 Gulzar Shayari In Hindi
स्याही सुख नही पाती हैं अखबारं की
और नयी ख़बर आ जाती है बलात्कारों की

#16 Gulzar Shayari In Hindi
अगर आंसुओ की कीमत होती तो
कल रात वाला तकिया अरबो का होता

#17 Gulzar Shayari In Hindi
कोई भी इंसान इतना खूबसरत नहीं होता
जितना उसका चाहने वाला उसे बना देता है।

#18 Gulzar Shayari In Hindi
हर वक्त खुद से ज्यादा रूलाता हैं वो
हम सपने में भी जिसे रोने नहीं देते

#19 Gulzar Shayari In Hindi
उलझे हुए हैं अपनी उलेझनों में आजकल
आप ये ना समझना कि अब वह लंगाव नहीं रहा

#20 Gulzar Shayari In Hindi
कांटो का भी अहसान अदा करिए हुजूर,
कई बार फूलो कीलाज बचाई होगी

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