Goutam Buddha cartoon

दो वरदान। Best Buddha Story In Hindi

दो वरदान। Best buddha story in Hindi- बुद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध का जन्म 563 bc में हुआ। बुद्ध की माता उनके जन्म के सातवे दिन ही मर गई तब उनका लालन-पालन उनकी विमाता प्रजापति गौतमी ने किया।
बुद्ध के बचपन का नाम सिद्धार्थ था तथा 16 वर्ष की आयु में उनका विवाह कर दिया गया। उन्होंने 29 वर्ष की आयु में गृहत्याग कर दिया। 6 वर्ष की कठिन तपस्या के बाद 35 वर्ष की आयु में वैशाखी की पूर्णिमा की रात निरंजना नदी के किनारे पीपल वृक्ष के नीचे उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई।

ज्ञान प्राप्ति के बाद सिद्धार्थ “बुद्ध” के नाम से जानें गए और वो स्थान “बोध गया” के नाम से जाना जाता है। बाद में महात्मा बुद्ध के बहुत सारे शिष्य बने जिनके साथ बुद्ध एक स्थान से दूसरे स्थान आते जाते रहते थे जैसा की इस कहानी में दर्शाया गया है।

दो वरदान। Best buddha story in Hindi

एक बार महात्मा बुद्ध अपने शिष्यों के साथ तीर्थ-यात्रा के लिए जा रहे थे। चलते-चलते रास्ते में एक गांव आया, महात्मा ने कहा आज का विश्राम इसी गांव में करते है ,यह कह कर शिष्यो सहित उस गांव में चले गए।

गांव के लोगो ने महात्मा को देखा तो बड़े प्रसन्न हुए और महात्मा के लिए बहुत अच्छा आसन लगाया सभी अपने-अपने घरों से अच्छा-अच्छा पकवान बना कर लाए रात होने पर सभी बच्चे, बड़े, स्त्रियां महात्माओं के पैर दबाने लगे और आराम से बैठ कर ज्ञान की बाते सुनते रहे।

सुबह हुई तो महात्मा बुद्ध ने गांव वालो से कहा अच्छा अब हम चलते है। आप सभी हम जाने की अनुमति दे। गांव वालो ने कहा महाराज एक दिन तो और रुकिए लेकिन महात्मा ने कहा नहीं बच्चो अब हम जाते है। कभी फिर आयेंगे, यह कह कर महात्मा चलने लगे और चलते हुए महात्मा बुद्ध ने गांव वालो को वरदान दिया और कहा सब के सब उजड़ जाओ, यह वरदान देकर महात्मा चले जाते है।

चतुर चमार की कहानी

चलते चलते श्याम हुई तो महात्मा एक दूसरे गांव में पहुंचे। वहा पहुंचते ही बच्चो का बड़ा सा झुंड दौड़ा आया और महात्माओं को चारों तरफ से घेर कर कोई मिट्टी फेंकता है तो कोई कीचड़ फेकता है। सौर मचाने लगे, महात्मा लोग बड़ी मुस्किल से उनसे पूछा छुड़ा कर एक जगह गए और जो अपने पास फटा पुराना कंबल था बिछा कर बैठ गए।

काफी देर बाद गांव के कुछ बड़े व बूढ़े आए वे सब भी महात्माओं को देख कर हंसने लगे और मजाक उड़ाने लगे एक जवान ने तो महात्माओं का कंबल ही छीन लिया और कहा इनके क्या काम आएगा कम से कम मेरी भैंस तो ओडेगी। वे महात्माओं का अपमान करते हुए चल गए।

 Best buddha story in Hindi.
buddha story in Hindi (अपमानी गांव)

महात्माओं ने भूखे – प्यासे रहते हुए बड़ी मुस्किल से रात बिताई सुबह होते ही महात्मा चलने लगे और चलते हुए महात्मा बुद्ध ने गांव को वरदान दिया की सब के सब बसे रहो।

कंजूस सेठ

गांव से काफी दूर जाने के बाद जंगल में एक तालाब आया और कुछ फल के पेड़ नजर आए तो महात्मा बुद्ध ने कहा बच्चो यहा थोड़ी देर विश्राम करते है। वहा महात्मा लोग फल खाते है और तालाब का शीतल जल पीते है। तब एक शिष्य ने कहा महात्मा क्षमा करे हमे एक बात खटक रही है आप नाराज न हो तो हम पूछ सकते है।तब महात्मा बुद्ध ने कहा बोलो बच्चो क्या जानना चाहते हो।

शिष्य ने कहा महात्मा जिस गांव में हमारी अच्छी सेवा हुई वहा के कितने अच्छे लोग थे उन लोगों को तो आपने वरदान दिया की उजड़ जाओ और जिस गांव में हमारा अपमान हुआ उन लोगों को आपने वरदान दिया की बसे रहो ऐसा क्यों महाराज?

तब महात्मा बोले देखो बच्चो पहले गांव में कितने अच्छे विचारों के आदमी थे। वह आदमी उजड़ जायेंगे तो दुनिया के कोने – कोने में फैल जायेंगे और जहां भी जायेंगे सभी को अच्छे विचार सिखाएंगे इस लिए मैंने उनको उजड़ जाने का वरदान दिया।

और जो दूसरा गांव था वहा के लोग पापी व बेवकूफ थे, वे जहां भी जायेंगे तो अन्य लोगों को पाप व अन्याय करना ही सिखाएंगे इसलिए उनका एक जगह ही टिका रहना ठीक है इसी कारण मैंने उनको वरदान दिया की बसे रहो।

चार ब्रह्मण पंचतंत्र की कहानी

महात्मा की बात सुनकर सभी शिष्य अत्यधिक प्रभावित हुए।

दो वरदान कहानी आपको कैसी लगी कृपा कॉमेंट के माध्यम से जरूर बताए ।

इन stories को भी ज़रूर पढ़ें

अनसुनी अकबर बीरबल की कहानीयां

5+ मजेदार हास्य कहानियां

Related Posts

संत की परीक्षा

तेनाली रामा की चतुराई भरी कहानियां।

गौतम बुद्ध से संबंधित कहानियाँ

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *